नई दिल्ली। देश की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ी हलचल उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर मची हुई है। विपक्षी खेमे ने ऐसा दांव खेला है जिसने राजनीति की बिसात ही बदल दी है। विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

सुदर्शन रेड्डी वही नाम है, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कुर्सी पर बैठकर कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए। न्याय के तराजू पर वे हमेशा निष्पक्षता के लिए जाने गए और अब वही न्यायधीश राजनीति के अखाड़े में उतरने जा रहे हैं। विपक्ष का मानना है कि उनके अनुभव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से लोकतंत्र और मजबूत होगा।
सियासी पंडितों की मानें तो विपक्ष का यह मास्टरस्ट्रोक सत्ता पक्ष के लिए चुनौती साबित हो सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ताधारी दल इस मुकाबले में किस नाम को उतारता है।
कह सकते हैं कि इस बार का उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ राजनीतिक जंग नहीं, बल्कि न्यायपालिका से राजनीति तक का सफर तय करने वाले एक नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले दिनों में यह टक्कर और भी दिलचस्प होने वाली है।

