
कोरबा/पोंडी-उपरोड़ा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के. आर. दयाल ने शुक्रवार को पोंडी-उपरोड़ा ब्लॉक के कई शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले एक हेड मास्टर पर कड़ी कार्रवाई की गई, वहीं अन्य शिक्षकों को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
हेड मास्टर अनुपस्थित – कारण बताओ नोटिस
सुबह 10:10 बजे बीईओ दयाल प्राथमिक शाला खरपड़ी (संकुल रोदे) पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान हेड मास्टर प्रताप सिंह तवर विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इस पर बीईओ ने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त रुख अपनाया।
कई शालाओं का सघन निरीक्षण
बीईओ दयाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने ब्लॉक अंतर्गत आने वाली प्राथमिक शाला फुलसर, माध्यमिक शाला शरमा, प्राथमिक शाला तनेरा, प्राथमिक शाला बिलासपुर पारा, माध्यमिक शाला तनेरा, प्राथमिक शाला कररा बहरा, प्राथमिक शाला सुखारीताल, माध्यमिक शाला हरदेवा सहित कई शालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में उपस्थिति, पठन-पाठन की स्थिति, भोजन व्यवस्था और शिक्षकों की गतिविधियों का बारीकी से जायजा लिया गया।
बच्चों को समय पर भोजन – मुख्यालय में निवास अनिवार्य
निरीक्षण के दौरान बीईओ दयाल ने सभी शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को समय पर नाश्ता और मध्यान्ह भोजन उपलब्ध हो। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो शिक्षक मुख्यालय से बाहर निवास करते हैं और रोज़ाना आना-जाना करते हैं, उन्हें अब मुख्यालय में अनिवार्य रूप से निवास करना होगा, ताकि विद्यालय संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
“लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं” – बीईओ दयाल
बीईओ दयाल ने निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा –
“पोंडी-उपरोड़ा ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुपस्थिति या बच्चों की उपेक्षा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों को समय पर भोजन उपलब्ध कराना हर शिक्षक का कर्तव्य है।”

शिक्षा व्यवस्था सुधार की पहल
बताया जा रहा है कि बीईओ दयाल ने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। औचक निरीक्षणों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कड़ी निगरानी से न केवल बच्चों की पढ़ाई में सुधार आएगा, बल्कि स्कूलों की कार्यप्रणाली भी पारदर्शी और अनुशासित होगी।
