
कोटा (छत्तीसगढ़): शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही और मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में शिवतराई शासकीय विद्यालय के प्रधानपाठक बहादुर सिंह को काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसडीएम कोटा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें बहादुर सिंह के खिलाफ कई गंभीर आरोप सामने आए।
📌 क्या हैं आरोप?
प्रधानपाठक बहादुर सिंह पर कई तरह की अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
✅ विद्यालय में अनियमित उपस्थिति: कई बार बिना किसी सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहना।
✅ शिक्षण कार्य में लापरवाही: छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान न देना और शिक्षकों के कार्यों में रुचि न लेना।
✅ प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना: शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों की अनदेखी करना।
✅ वित्तीय गड़बड़ियां: स्कूल फंड और सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि के उपयोग में गड़बड़ी की आशंका।
✅ मनमानी और अनुशासनहीनता: सहकर्मी शिक्षकों और स्कूल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें।
🚨 कैसे हुई कार्रवाई?
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम कोटा ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें प्रधानपाठक की लापरवाही उजागर हुई। इसके बाद एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को सौंपी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से प्रधानपाठक बहादुर सिंह को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
⚡ प्रशासन की सख्ती: शिक्षा में लापरवाही अब नहीं चलेगी!
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में अनुशासन और शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाह शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई का यह सिलसिला जारी रहेगा ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
📢 शिक्षा विभाग की सख्ती से अन्य स्कूलों में भी हड़कंप मच गया है। कई शिक्षक अब सतर्क हो गए हैं और अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने पर जोर दे रहे हैं।
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