
तखतपुर (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत देवरीकला में इन दिनों राजनीति का रंग इतना गाढ़ा हो चुका है कि अब यह सीधे-सीधे विकास कार्यों और जनता की सुविधा पर भारी पड़ने लगा है। पंचायत द्वारा संचालित सरकारी उचित मूल्य की सोसाइटी को लेकर सरपंच पति शत्रुहन लाल सूर्यवंशी को विरोधियों की साजिश का शिकार होना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पंचायत की इस सोसाइटी का संचालन पूरी तरह नियमों के तहत किया जा रहा है, लेकिन हार चुके चुनावी प्रतिद्वंद्वी ललिता वस्त्रकार और चंद्रशेखर ने निजी दुश्मनी और बदले की भावना से लगातार फर्जी शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, इन शिकायतों के आधार पर कुछ अधिकारी बिना जांच और बिना सबूत के सोसाइटी को सस्पेंड करने की धमकी और नोटिस तक थमा रहे हैं।
गांव के लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि अधिकारी भी शायद राजनीतिक दबाव में हैं। क्योंकि अगर कोई ठोस गड़बड़ी है, तो उसकी जांच कर प्रमाण सामने लाना चाहिए, न कि केवल चुनावी दुश्मनी के नाम पर एक पंचायत प्रतिनिधि और उसके परिवार को परेशान करना।
ग्रामीणों का गुस्सा भी अब खुलकर सामने आ रहा है। उनका कहना है कि –
👉 सोसाइटी गांव की रीढ़ है, इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिलता है।
👉 इसे बंद कराने या फर्जी आरोपों से घेरने की कोशिश, दरअसल गांव की जनता के अधिकार छीनने की साज़िश है।
👉 अगर प्रशासन ने जल्द ही इस अन्याय पर रोक नहीं लगाई, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
यह पूरा मामला पंचायत राजनीति के उस कुरूप चेहरे को उजागर करता है, जहां विकास और जनहित से ज्यादा अहम हो चुका है वोट और बदले की राजनीति।
गांव की जनता अब एक ही सवाल पूछ रही है – क्या फर्जी शिकायतों और राजनीतिक प्रतिशोध के दम पर पंचायत की सोसाइटी जैसे महत्वपूर्ण साधन को ठप कर दिया जाएगा?
