अटैचमेंट की कहानी में कई पन्ने अभी बाकी… CM हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत, फिर भी कार्रवाई पर सन्नाटा!

पोंडी-उपरोड़ा। शिक्षा विभाग में BRC की जिम्मेदारी को लेकर सामने आए एक मामले ने अब कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सिर्फ एक अधिकारी को BRC की जिम्मेदारी दिए जाने का नहीं, बल्कि उस अटैचमेंट प्रक्रिया का है, जिसे लेकर शासन स्तर के निर्देशों पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार BRC की जिम्मेदारी सुनील खैरवार को अटैचमेंट के माध्यम से दिए जाने की बात सामने आई है। लेकिन यदि शासन स्तर पर अटैचमेंट को लेकर रोक के निर्देश मौजूद हैं, तो फिर सवाल यह है कि उस रोक के बीच यह रास्ता किसने खोला?
मामले की शिकायत जनपद सदस्य पोंडी-उपरोड़ा द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यहीं से कहानी में असली सवाल शुरू होता है—
क्या संबंधित अधिकारी शासन के निर्देशों से अनजान थे?
क्या अटैचमेंट का आदेश शासन की रोक से अलग किसी प्रावधान के तहत हुआ?
यदि सब कुछ नियम के अनुसार है तो आदेश सार्वजनिक करने में परेशानी क्या है?
और यदि शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है, तो कार्रवाई की फाइल आखिर किस टेबल पर रुकी है?
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि इस पूरे मामले में किस स्तर पर निर्णय लिया गया और उस निर्णय का आधार क्या था?
फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। लेकिन दस्तावेज सामने आने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।
कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
अगली कड़ी में सवाल होगा—वह कौन-सा आदेश है, जिसके आधार पर BRC की जिम्मेदारी बदली गई? शासन के निर्देशों में वास्तव में क्या लिखा है? और CM हेल्पलाइन शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
क्रमशः…
